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Software Kya hai? सॉफ्टवेयर क्या है? सॉफ्टवेयर के प्रकार – पूरी जानकारी

सॉफ्टवेयर क्या है? (Software Kya hai)

एक सामान्य भाषा में सॉफ्टवेयर निर्देशों का एक समूह है जो कंप्यूटर को विशिष्ट कार्य करने के लिए निर्देश देता है। सॉफ्टवेयर सामान्य शब्द में एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, टैबलेट या अन्य स्मार्ट उपकरणों में होता है और उसे मदद करता है।

आम भाषा में कंप्यूटर का बाहरी भाग जो हमें दिखाई देता है वो हार्डवेयर है जैसे माउस, कीबोर्ड, मॉनिटर, CPU, Memory आदि और सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के अंदर मेमोरी में होता है जो दिखाई नहीं देता।

प्रोग्राम क्या है?

एक प्रोग्राम किसी विशेष समस्या को हल करने के लिए लिखे गए निर्देशों का एक क्रम है।  इन इंस्ट्रक्शन या निर्देशों को कंप्यूटर कपिल करके रिजल्ट प्रदान करता है।

उदहारण के लिए अगर आपको आपको 2 नंबर जोड़ना है (Add) कंप्यूटर में आप दोनों अंक डालेंगे और कंप्यूटर गणना (कैलकुलेट) करके रिजल्ट दे देगा। कंप्यूटर इसे जोड़ने के लिए कुछ इंस्ट्रक्शन का पालन करता है जो प्रोग्रामर के द्वारा लिखे गए होते है।

इसी तरह काफी बड़े प्रोग्राम लिखे जाते है जटिल समस्यों को हल करने के काम आते हैं।

इन प्रोग्राम्स को लिखने के लिए अलग अलग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Programming Language) इस्तिमाल किये जाते है जैसे C, C++, Java, Python, C#, pearl आदि।

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ऐसा कहना उचित है के सॉफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर किसी काम का नहीं है। सॉफ्टवेयर ही है जो कंप्यूटर के सभी पार्ट्स को एक साथ चलता है और हमें हमारा काम करने में मदद करता है।

ये सभी अलग-अलग प्रकार के सॉफ्टवेयर एक दूसरे से तालमेल बना के काम करते है जिससे कंप्यूटर अच्छी तरह काफी सारे काम काम समय में कर पता है।

कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम जिसके बिना कंप्यूटर नहीं चलेगा कंप्यूटर में विंडोज (Windows), लिनक्स(Linux) या MacOS ऑपरेटिंग सिस्टम होता है।

सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं?

सॉफ्टवेयर 4 प्रकार के होते हैं:

  1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
  2. एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर (Application Software)
  3. प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर (Programming Software)
  4. मालिसियस सॉफ्टवेयर (Malicious Software)
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1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)

सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का एक संग्रह है जिसे कंप्यूटर की प्रोसेसिंग क्षमताओं को संचालित और नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सिस्टम सॉफ्टवेयर आमतौर पर कंप्यूटर कंपनी द्वारा तैयार किया जाता है।

इन सॉफ़्टवेयर को लो लेवल (Low level) भाषाओं में लिखा जाता हैं, जो कंप्यूटर के हार्डवेयर को नियंत्रण करता हैं। सिस्टम सॉफ्टवेयर हार्डवेयर और कंप्यूटर यूजर के बीच इंटरफेस के रूप में कार्य करता है।

सिस्टम सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण ऑपरेटिंग सिस्टम(Operating System), कंपाइलर (Compiler), इंटरप्रेटर (Interpreter), असेंबलर (Assembler) आदि हैं।

2. एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर (Application Software)

एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर किसी विशेष आवश्यकता या कार्य को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कंप्यूटर लैब में तैयार सभी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की श्रेणी में आ सकते हैं।

एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो एक ही काम करने के लिए बना होता है, जैसे कि एक Microsoft Wordpad का जो सिर्फ लिखने के काम आता है, Adobe Photoshop फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर जो सिर्फ फोटो एडिट करता है। इसमें प्रोग्राम्स का एक संग्रह होता है जिसे सॉफ्टवेयर पैकेज कहा जाता है, जो एक कार्य को पूरा करने के लिए एक साथ काम करते हैं जैसे रेलवे रिजर्वेशन सॉफ्टवेयर।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के उदाहरण है आयकर सॉफ्टवेयर, रेलवे आरक्षण सॉफ्टवेयर, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (Microsoft Office), माइक्रोसॉफ्ट पावरप्वाइंट (Microsoft Powerpoint) आदि हैं।

3. प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर (Programming Software)

प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर प्रोग्राम लिखने के लिए डेवलपर्स इस्तिमाल करते है। ये एक सॉफ्टवेयर टूल्स का सेट होता है। बहुत सारे टूल्स आते हैं जैसे कपिलर्स (Compiler), लिंकर्स (Linker), डिबग्गेर्स (Debugger) , इंटरप्रेटर्स आदि।

ये किसी भी लैंग्वेज में लिखे हुए प्रोग्राम को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करता है। उद्धरण के लिए जावा(Java) में लिखा हुआ कोड मशीन डायरेक्ट समझ नहीं सकता, यहाँ पर कम्पाइलर(Compiler) जावा कोड को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करता है जिसे मशीन समझ सके।

4. मालिसियस सॉफ्टवेयर (मॉलवेयर) – Malicious Software

मालिसियस सॉफ़्टवेयर को जानबूझकर कंप्यूटर को नुकसान पहुँचाने और/या अन्य सॉफ़्टवेयर को बाधित करने के लिए विकसित किया जाता है। नुकसान अक्सर उन कंप्यूटर यूजर को होता है  जो अनजाने में इन सॉफ्टवेयर को इनस्टॉल कर लेते है।

आमतौर पर जिन्हे कंप्यूटर की काम जानकारी है उनके कंप्यूटर में आसानी के इनस्टॉल हो जाते है क्योंकि इस प्रकार का सॉफ़्टवेयर आमतौर पर गुप्त रूप से कार्य करता है।

मॉलवेयर के उदहारण है स्पायवेयर (Spyware), कंप्यूटर वायरस (Computer Virus), ट्रोजन हॉर्स (Trojan Horse), वर्म्स (Warms), एडवेयर (Adware)

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