Generation Of Computer 1st To 5th With Pictures | कंप्यूटर की पीढ़ियाँ
इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे Generation Of Computer 1st To 5th With Pictures.
कंप्यूटर को सरल शब्दों में परिभाषित करें तो कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो गणना कर सकती है। आधुनिक कंप्यूटर अब केवल कंप्यूटिंग डिवाइस नहीं रह गए हैं, ये कई तरह के कार्य कर सकती हैं। जब उन्हें पहली बार पेश किया गया था, तब कंप्यूटर बहुत बड़े थे और एक पूरे कमरे को भर सकते थे।
1833 में, चार्ल्स बैबेज ने पहला कैलकुलेटर का आविष्कार किया जिसे “आर्बिट्रेज इंस्ट्रूमेंट” कहा जाता था। १९४० से लेकर आज के दिनों तक कंप्यूटर में काफी बदलाव आया है, कंप्यूटर अधिक शक्तिशाली होने के साथ-साथ छोटे और सस्ते भी हो गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में कंप्यूटर की विभिन्न पीढ़ियों के माध्यम से टेक्नोलॉजी में काफी बदलाव आया है।
Generations of Computers (कंप्यूटर की पीढ़ियाँ)
कंप्यूटर के कुल ५ पीढ़ियाँ हैं। निचे इन विस्तृत जानकारी दी गयी है:
- First Generation of computers
- Second Generation of computers
- Third Generation of computers
- Fourth Generation of computers
- Fifth Generation of computers
Generation Of Computer 1st To 5th With Pictures
कंप्यूटर की सभी पांच पीढ़ियाँ बहुत महत्वपूर्ण है कंप्यूटर के विकास के लिए। टेक्नोलॉजी में प्रगति ने कई उपकरणों का विकास किया जिनका आज हर कोई उपयोग करता है। हमारी कंप्यूटर यात्रा 1940 में वैक्यूम ट्यूब से शुरू हुई और AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) प्रणाली तक जाती है जिसका हम आज उपयोग करते हैं। आइए तस्वीरों के साथ कंप्यूटर की पहली से पांचवीं पीढ़ी के बारे में जानें।
१. कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी First Generation Of Computer: Vacuum Tubes (1940 – 1956)
कंप्यूटर की पहली पीढ़ी में प्रोसेसिंग और मेमोरी के लिए वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था। ये मशीनें आकर में बड़ी थी, महंगी थीं और बहुत ज़्यादा बिजली की खपत करती थीं। 1950 के दशक की शुरुआत में विकसित UNIVAC I (यूनिवर्सल ऑटोमेटिक कंप्यूटर) पहला व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कंप्यूटर था। इसका इस्तेमाल व्यवसायों और सरकारी एजेंसियों द्वारा डेटा प्रोसेसिंग के लिए किया गया और यह शुरुआती कंप्यूटर युग का प्रतीक बन गया।
कंप्यूटर की पहली पीढ़ी मशीन भाषा पर निर्भर थी, जो लौ लेवल की प्रोग्रामिंग भाषा थी जिसे कंप्यूटर विभिन्न कार्यों और संचालनों को करने के लिए समझते थे। यह एक समय में एक समस्या को हल कर सकता है लेकिन मल्टीटास्किंग कार्य नहीं कर सकता। इनपुट पंच कार्ड और पेपर टेप पर आधारित था और आउटपुट प्रिंटआउट पर आता था। ENIAC और UNIVAC कंप्यूटर की पहली पीढ़ी के उदाहरण हैं। पहला कमर्शियल कंप्यूटर UNIVAC था।
पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों की मुख्य विशेषताएँ:
- मुख्य इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट – वैक्यूम ट्यूब
- मुख्य मेमोरी – चुंबकीय ड्रम और चुंबकीय टेप
- प्रोग्रामिंग भाषा – मशीन भाषा
- पावर – बहुत अधिक बिजली की खपत करते हैं और बहुत अधिक गर्मी उत्पन्न करते हैं
- गति और आकार – बहुत धीमे और आकार में बहुत बड़े
- इनपुट/आउटपुट डिवाइस – पंच कार्ड और पेपर टेप
- उदाहरण – ENIAC, UNIVAC1, IBM 650, IBM 701, आदि
- मात्रा – 1942 और 1963 के बीच लगभग 100 अलग-अलग वैक्यूम ट्यूब कंप्यूटर बनाए गए थे
First Generation of Computer Advantage and Disadvantage
फायदे | नुकसान |
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वैक्यूम ट्यूब तकनीक ने इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों को संभव बनाया | ये पोर्टेबल नहीं थे |
कंप्यूटर गणना करने में बहुत तेज़ था | यह विश्वसनीय उपकरण नहीं थी |
यह एकमात्र इलेक्ट्रॉनिक था | एयर कंडीशनर की आवश्यकता होती थी |
कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी Second Generation Of Computer: Transistors (1956 – 1963)
1947 में ट्रांजिस्टर के आविष्कार के साथ कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी का उदय हुआ, जिसने वैक्यूम ट्यूबों की जगह ले ली और छोटी, अधिक कुशल मशीनों का निर्माण किया। ट्रांजिस्टर आधारित कंप्यूटर अधिक विश्वसनीय थे, कम गर्मी पैदा करते थे और कम बिजली की खपत करते थे। यह कंप्यूटर की पहली पीढ़ी की तुलना में बहुत विश्वसनीय है। लेकिन कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी में कुछ सुधार हुआ।
इनपुट पंच कार्ड और पेपर टेप पर आधारित था और आउटपुट प्रिंटआउट में आते थे जो कंप्यूटर की पहली पीढ़ी के समान थे। कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी क्रिप्टिक बाइनरी मशीन भाषा से असेंबली भाषा में चली गई। इस भाषा ने प्रोग्रामर को इनपुट या निर्देशों को शब्दों में लिखा थे। उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास भी उसी समय हुआ। दूसरी पीढ़ी का पहला कंप्यूटर परमाणु ऊर्जा उद्योग के लिए विकसित किया गया था।
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की मुख्य विशेषताएँ:
- मुख्य इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट – ट्रांजिस्टर
- मेमोरी – चुंबकीय कोर और चुंबकीय टेप/डिस्क
- प्रोग्रामिंग भाषा – असेंबली भाषा
- पावर और आकार – कम बिजली की खपत, कम गर्मी उत्पन्न करना, और आकार में छोटा पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में
- गति – गति और विश्वसनीयता में सुधार पहली पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में
- इनपुट/आउटपुट डिवाइस – पंच कार्ड और चुंबकीय टेप
- उदाहरण – IBM 1401, IBM 7090 और 7094, UNIVAC 1107, आदि
Second Generation of Computer Advantage and Disadvantage
फायदे | नुकसान |
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अच्छी गति और माइक्रोसेकंड में डेटा की गणना कर सकते हैं | कमर्शियल उत्पादन बहुत मुश्किल था |
पहली पीढ़ी की तुलना में अधिक विश्वसनीय | अभी भी इनपुट के लिए पंच कार्ड का उपयोग किया जाता था |
अच्छी गति और माइक्रोसेकंड में डेटा की गणना कर सकते हैं | शीतलन प्रणाली की आवश्यकता है |
असेंबली भाषाओं का भी इस्तेमाल किया गया | विशेष कामों के लिए उपयोग किया जाता है |
पहली पीढ़ी की तुलना में आकार में छोटा | अधिक महंगा और मल्टीटास्क नहीं कर सकता था |
कम मात्रा में ऊर्जा का उपयोग करें | ठीक से काम करने के लिए निरंतर रखरखाव की आवश्यकता होती है |
पोर्टेबल था |
कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी Third Generation Of The Computer: Integrated Circuits (1964 – 1971)
1960 के दशक में इंटीग्रेटेड सर्किट के विकास ने कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी की शुरुआत हुई। इंटीग्रेटेड सर्किट, जिसमें एक ही चिप पर कई ट्रांजिस्टर लगे किए गए थे, ने आगे छोटे उपकरणों का विकास बढ़ाया और प्रोसेसिंग पावर को बढ़ा दिया। इस युग में मेनफ्रेम कंप्यूटरों का उदय हुआ और ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरुआत हुई, जिसने कई उपयोगकर्ताओं को एक ही कंप्यूटर के साथ एक साथ बातचीत करने की सुविधा दी।
इस पीढ़ी के कंप्यूटर एक समय में कई एप्लीकेशन चला सकते थे। कंप्यूटर की यह पीढ़ी अपने पिछले पीढ़ी की तुलना में छोटी, सस्ती और विश्वसनीय थी। पहली बार कंप्यूटर बड़े पैमाने पर लोगों के इस्तिमाल के लिए सुलभ हो गये, क्योंकि वे आकार में छोटे और सस्ते थे।
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की मुख्य विशेषताएँ:
- मुख्य इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट – एकीकृत सर्किट (IC)
- मेमोरी – बड़ा चुंबकीय कोर, चुंबकीय टेप / डिस्क
- प्रोग्रामिंग भाषा – हाई लेवल (फोरट्रान, बेसिक, पास्कल, कोबोल, सी, आदि)
- आकार – दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में छोटे, सस्ते और अधिक कुशल
- गति – गति और विश्वसनीयता में सुधार था दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में
- इनपुट / आउटपुट डिवाइस – चुंबकीय टेप, कीबोर्ड, मॉनिटर, प्रिंटर, आदि
- उदाहरण – IBM 360, IBM 370, PDP-11, UNIVAC 1108, आदि
Third Generation of Computer Advantage and Disadvantage
फायदे | नुकसान |
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अधिक पोर्टेबल | एडवांस टेक्नोलॉजी की ज़रूतात IC बनाने में लगती थी |
कम ऊर्जा की खपत | तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों को संचालित करने के लिए औपचारिक प्रशिक्षण आवश्यक था |
रखरखाव लागत अपने दूसरे पीढ़ी की तुलना में कम है |
कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी Fourth Generation Of Computer: Microprocessors (1971 – 2010)
कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी की शुरुआत 1970 के दशक की शुरुआत में माइक्रोप्रोसेसरों के विकास के साथ हुई थी। माइक्रोप्रोसेसर एक सिंगल इंटीग्रेटेड सर्किट होता है जिसमें कंप्यूटर की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) के सभी काम शामिल होते हैं। इस इनोवेशन से पर्सनल कंप्यूटर (PC) बनाना संभव हो पाया। Personal Computer व्यक्तिगत इस्तिमाल और छोटे व्यवसायों के लिए किफ़ायती और उपयुक्त थे।
1971 में Intel 4004 चिप्स विकसित किए गए थे जो कंप्यूटर के सभी कॉम्पोनेन्ट में लगे थे। IBM ने 1981 में घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए अपना पहला कंप्यूटर लाया था। कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी अधिक शक्तिशाली थी और उन्हें नेटवर्क बनाने के लिए एक साथ जोड़ा जा सकता था जिससे इंटरनेट का विकास हुआ। कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी में GUI, कीबोर्ड, माउस और अन्य हाथ से संभाले जाने वाले उपकरणों का विकास हुआ था।
चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों की मुख्य विशेषताएँ:
- मुख्य इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट – बहुत बड़े पैमाने पर integrated(VLSI) और माइक्रोप्रोसेसर
- VLSI – एक ही माइक्रोचिप पर हजारों ट्रांजिस्टर लगे थे
- मेमोरी – सेमीकंडक्टर मेमोरी जैसे RAM, ROM, आदि
- RAM (रैंडम-एक्सेस मेमोरी) – कंप्यूटर में उपयोग किया जाने वाला एक प्रकार का डेटा स्टोरेज जो प्रोग्राम और डेटा को अस्थायी रूप से सेव करता है
- ROM (रीड-ओनली मेमोरी) – कंप्यूटर में उपयोग किया जाने वाला एक प्रकार का डेटा स्टोरेज जो डेटा और प्रोग्राम को स्थायी रूप से सेव करता है
- प्रोग्रामिंग भाषा – हाई लेवल भाषा (Python, C#, Java, JavaScript, Rust, Kotlin, etc. आदि) जो
- तीसरी और चौथी पीढ़ी की दोनों भाषाओं का मिश्रण था
- आकार – तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में छोटा, सस्ता और अधिक कुशल
- गति – गति, सटीकता और विश्वसनीयता में सुधार था तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में
- इनपुट/आउटपुट डिवाइस – कीबोर्ड, पॉइंटिंग डिवाइस, ऑप्टिकल स्कैनिंग, मॉनिटर, प्रिंटर, आदि
- नेटवर्क – एक साथ जुड़े दो या अधिक कंप्यूटर सिस्टम का समूह
- उदाहरण – आईबीएम पीसी, स्टार 1000, एप्पल II, एप्पल मैकिन्टोश, आदि
Fourth Generation of Computer Advantage and Disadvantage
फायदे | नुकसान |
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एयर कंडीशनर की आवश्यकता नहीं है | वे बहुत बहुमुखी और सस्ते नहीं थे |
पूरी तरह से सामान्य काम को पूरा करने के लिए उपयोग किया जाता है | उनका उपयोग केवल विशेष काम के लिए किया जाता था और उन्हें लगातार रखरखाव की आवश्यकता होती थी |
आकार में छोटा और कॉम्पैक्ट | इन कंप्यूटरों का व्यावसायिक उत्पादन मुश्किल था और उनमें मैन्युअल फ़ंक्शन कॉम्पोनेन्ट था |
ज्यादा गर्मी नहीं जनरते करता है | |
तीसरे पीढ़ी की तुलना में तेज़ है |
कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी Fifth Generation Of Computer: Artificial Intelligence (2010 – अभी तक)
कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum computing ) और एडवांस नेटवर्किंग पर केंद्रित है। AI-से चलने वाले एप्लीकेशन, जैसे कि आवाज़ पहचान, प्राकृतिक भाषा प्रोसेसिंग और ऑटोनोमस वाहन, तेजी से आम होते जा रहे हैं।
Quantum Computing अभी भी प्रायोगिक अवस्था में हैं, लेकिन उनमें जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता है जो सुपर कंप्यूटरों से आगे है। सुपरकंडक्टर और पैरेलल प्रोसेसिंग का उपयोग AI को वास्तविकता बनाने में मदद करता है। इस पीढ़ी का लक्ष्य उन उपकरणों को विकसित करना है जो प्राकृतिक भाषाओं समझकर अपनी प्रतिक्रिया दे।
हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर की ये पांचवीं पीढ़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं से भरी है जो उन्हें चित्र पहचान, मानव भाषण का अनुवाद और यहां तक कि प्राकृतिक भाषा को समझने जैसे जटिल कार्य कर सकती है, जिससे वे पिछली कंप्यूटर पीढ़ियों की तुलना में अधिक तेज़ और मजबूत बन जाते हैं। कुछ पाँचवीं पीढ़ी के उदाहरण हैं लैपटॉप, डेस्कटॉप, नोटबुक आदि
पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटरों की मुख्य विशेषताएं: (वर्तमान और भविष्य)
- मुख्य इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट: आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस पर आधारित, अल्ट्रा लार्ज-स्केल इंटीग्रेशन (ULSI) तकनीक और पैरेलल प्रोसेसिंग विधि का उपयोग करता है।
- ULSI – एक ही माइक्रोचिप पर लाखों ट्रांजिस्टर
- पैरेलल प्रोसेसिंग विधि – कार्यों को एक साथ चलाने के लिए दो या अधिक माइक्रोप्रोसेसरों का उपयोग करें
- भाषा – प्राकृतिक मानव भाषा को समझें।
- पावर – कम बिजली की खपत करें और कम गर्मी पैदा करें।
- गति – गति, सटीकता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों की तुलना में
- आकार – पोर्टेबल और आकार में छोटा, और एक विशाल स्टोरेज क्षमता है।
- इनपुट / आउटपुट डिवाइस – कीबोर्ड, मॉनिटर, माउस, ट्रैकपैड या टचपैड, टचस्क्रीन, पेन, स्पीच इनपुट, लाइट स्कैनर, प्रिंटर, आदि
- उदाहरण – डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, आदि
Fifth Generation of Computer Advantage and Disadvantage
फायदे | नुकसान |
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इनकी मरम्मत करना आसान है | AI द्वारा नौकरियों की जगह लेने के कारण बेरोज़गारी का डर |
पैरेलल प्रोसेसिंग तकनीक में सुधार हुआ है | पाँचवीं पीढ़ी के कंप्यूटरों का इस्तेमाल लोगों की जासूसी करने के लिए किया जा सकता है |
ये कंप्यूटर हल्के हैं और इन्हें इधर-उधर ले जाना आसान है | मानव जैसी बुद्धिमत्ता के साथ AI बनाना एक कठिन और समय लेने वाला काम है |
पाँचवीं पीढ़ी पिछली पीढ़ी की तुलना में बहुत तेज़ है | |
सुपरकंडक्टर तकनीक में प्रगति हुई है | |
पिछली पीढ़ी की तुलना में ये आकार में काफी छोटे हैं | |
इन कंप्यूटरों में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का विकास जारी है |
हम आशा करते हैं की आपको Generation Of Computer 1st To 5th With Pictures में आपको उपयोगी जानकारी मिली होगी। अगर आपके कोई सवाल हैं तो निचे कमेंट करके बताएं।
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