नवग्रह चालीसा | Navgrah Chalisa
॥ दोहा ॥श्री गणपति गुरुपद कमल,प्रेम सहित सिरनाय ।नवग्रह चालीसा कहत,शारद होत सहाय ॥जय जय रवि शशि सोम बुध,जय गुरु भृगु शनि राज।जयति राहु अरु केतु ग्रह,करहुं अनुग्रह आज ॥ ॥ चौपाई ॥॥ श्री सूर्य स्तुति ॥प्रथमहि रवि कहं नावौं माथा,करहुं कृपा जनि जानि अनाथा ।हे आदित्य दिवाकर भानू,मैं मति मन्द महा अज्ञानू ।अब निज … Read more