Dussehra 2025: दशहरा क्यों मनाया जाता है

Dussehra

Dussehra 2025: दशहरा, जिसे दशहरा या विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, भारत में सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और देश भर में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है, जिसका एक समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक … Read more

Rishi Panchami 2025 Vrat Katha | ऋषि पंचमी 2025 व्रत कथा

Rishi Panchami 2025 Vrat Katha

Rishi Panchami 2025 Vrat Katha: ऋषि पंचमी हिन्दू धर्म का एक महत्त्वपूर्ण व्रत है, जो सप्त ऋषियों की पूजा के लिए समर्पित होता है। इसे मासिक धर्म के दोष से मुक्ति तथा पूर्व जन्म के पापों की शुद्धि के लिए मनाया जाता है। हर वर्ष भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को यह व्रत मनाया … Read more

Janmashtami 2025: भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का अलौकिक पर्व

janmashtami 2025

janmashtami 2025: जन्माष्टमी का पावन पर्व भारतवर्ष में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में भगवान विष्णु के आठवें अवतार, श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह हिन्दू धर्म के वैष्णव सम्प्रदाय के अनुयायियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। कृष्ण जन्माष्टमी का यह … Read more

Happy Raksha Bandhan Wishes: इस रक्षा बंधन, अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाएँ

Happy Raksha Bandhan Wishes

Happy Raksha Bandhan Wishes: रक्षा बंधन का पावन पर्व आ गया है, भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक। यह त्योहार सिर्फ राखी के धागे का नहीं, बल्कि बचपन की शरारतों, खट्टी-मीठी नोक-झोंक और एक-दूसरे के प्रति असीम प्यार का उत्सव है। इस खास दिन पर, अपने भाई या बहन को दिल को छू … Read more

Mahakumbh 2025 | महाकुंभ: आस्था और एकता का अद्भुत संगम

Mahakumbh 2025

Mahakumbh 2025 दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम के रूप में प्रसिद्ध महाकुंभ मेला हर 12 साल में चार पवित्र स्थलों- प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में से किसी एक पर आयोजित होता है। यह अंतराल ज्योतिषीय और पौराणिक मान्यताओं में गहराई से निहित है जो इस असाधारण आयोजन को गहरा महत्व देते हैं। महाकुंभ … Read more

सूर्य चालीसा | Surya Chalisa

surya chalisa

॥ दोहा ॥कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥॥ चौपाई ॥जय सविता जय जयति दिवाकर,सहस्त्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु पतंग मरीची भास्कर,सविता हंस सुनूर विभाकर॥ विवस्वान आदित्य विकर्तन,मार्तण्ड हरिरूप विरोचन॥ अम्बरमणि खग रवि कहलाते,वेद हिरण्यगर्भ कह गाते॥ 4 सहस्त्रांशु प्रद्योतन, कहिकहि,मुनिगन होत प्रसन्न मोदलहि॥ अरुण सदृश सारथी मनोहर,हांकत हय साता … Read more

विन्ध्येश्वरी चालीसा | Vindhyeshvari Chalisa

Vindhyeshvari Chalisa

॥ दोहा ॥नमो नमो विन्ध्येश्वरी,नमो नमो जगदम्ब ।सन्तजनों के काज में,करती नहीं विलम्ब ॥जय जय जय विन्ध्याचल रानी।आदिशक्ति जगविदित भवानी ॥ सिंहवाहिनी जै जगमाता ।जै जै जै त्रिभुवन सुखदाता ॥ कष्ट निवारण जै जगदेवी ।जै जै सन्त असुर सुर सेवी ॥ महिमा अमित अपार तुम्हारी ।शेष सहस मुख वर्णत हारी ॥ दीनन को दु:ख हरत … Read more

श्री झूलेलाल चालीसा | Shri Jhulelal Chalisa

Jhulelal Chalisa

॥ दोहा ॥जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥॥ चौपाई ॥रतनलाल रतनाणी नंदन ।जयति देवकी सुत जग वंदन ॥ दरियाशाह वरुण अवतारी ।जय जय लाल साईं सुखकारी ॥ जय जय होय धर्म की भीरा ।जिन्दा पीर हरे जन पीरा ॥ संवत दस सौ सात मंझरा ।चैत्र शुक्ल द्वितिया भगऊ वारा ॥4॥ … Read more

विश्वकर्मा चालीसा | Vishwakarma Chalisa

Vishwakarma Chalisa

॥ दोहा ॥श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं,चरणकमल धरिध्यान ।श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण,दीजै दया निधान ॥॥ चौपाई ॥जय श्री विश्वकर्म भगवाना ।जय विश्वेश्वर कृपा निधाना ॥ शिल्पाचार्य परम उपकारी ।भुवना-पुत्र नाम छविकारी ॥ अष्टमबसु प्रभास-सुत नागर ।शिल्पज्ञान जग कियउ उजागर ॥ अद्‍भुत सकल सृष्टि के कर्ता ।सत्य ज्ञान श्रुति जग हित धर्ता ॥ ४ ॥ अतुल … Read more