श्री राम चालीसा | Shree Ram Chalisa

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॥ दोहा ॥आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनंवैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं ॥ चौपाई ॥श्री रघुबीर भक्त हितकारी ।सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ निशि दिन ध्यान धरै जो कोई ।ता सम भक्त और नहिं होई ॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं ।ब्रह्मा … Read more

सरस्वती चालीसा | Saraswati Chalisa

Saraswati Chalisa

॥ दोहा ॥जनक जननि पद्मरज,निज मस्तक पर धरि ।बन्दौं मातु सरस्वती,बुद्धि बल दे दातारि ॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव,महिमा अमित अनंतु।दुष्जनों के पाप को,मातु तु ही अब हन्तु ॥ ॥ चालीसा ॥जय श्री सकल बुद्धि बलरासी ।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी ॥ जय जय जय वीणाकर धारी ।करती सदा सुहंस सवारी ॥ रूप चतुर्भुज धारी … Read more

कुबेर चालीसा | Kuber Chalisa

Kuber Chalisa

॥ दोहा ॥जैसे अटल हिमालय,और जैसे अडिग सुमेर ।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे,अविचल खडे कुबेर ॥विघ्न हरण मंगल करण,सुनो शरणागत की टेर ।भक्त हेतु वितरण करो,धन माया के ढेर ॥ ॥ चौपाई ॥जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी ।धन माया के तुम अधिकारी ॥ तप तेज पुंज निर्भय भय हारी ।पवन वेग सम सम तनु … Read more

गणेश चालीसा | Ganesh Chalisa

Ganesh Chalisa

 ॥ दोहा ॥जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल ।विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल ॥ ॥ चौपाई ॥जय जय जय गणपति गणराजू ।मंगल भरण करण शुभः काजू ॥ जै गजबदन सदन सुखदाता ।विश्व विनायका बुद्धि विधाता ॥ वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना ।तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन ॥ राजत मणि मुक्तन उर माला ।स्वर्ण मुकुट … Read more

शीतला चालीसा | Sheetala Chalisa

Sheetala Chalisa

॥ दोहा॥जय जय माता शीतला ,तुमहिं धरै जो ध्यान ।होय विमल शीतल हृदय,विकसै बुद्धी बल ज्ञान ॥घट-घट वासी शीतला,शीतल प्रभा तुम्हार ।शीतल छइयां में झुलई,मइयां पलना डार ॥ ॥ चौपाई ॥जय-जय-जय श्री शीतला भवानी ।जय जग जननि सकल गुणधानी ॥ गृह-गृह शक्ति तुम्हारी राजित ।पूरण शरदचंद्र समसाजित ॥ विस्फोटक से जलत शरीरा ।शीतल करत हरत … Read more

भैरव चालीसा | Bhairav Chalisa

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भैरव चालीसा | Bhairav Chalisa ॥ दोहा ॥श्री गणपति गुरु गौरी पदप्रेम सहित धरि माथ ।चालीसा वंदन करोश्री शिव भैरवनाथ ॥श्री भैरव संकट हरणमंगल करण कृपाल ।श्याम वरण विकराल वपुलोचन लाल विशाल ॥ ॥ चौपाई ॥जय जय श्री काली के लाला ।जयति जयति काशी-कुतवाला ॥ जयति बटुक-भैरव भय हारी ।जयति काल-भैरव बलकारी ॥ जयति नाथ-भैरव … Read more

माँ काली चालीसा – अरि मद मान मिटावन हारी | Maa Kali Chalisa – Arimad Man Mitawan Hari

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॥दोहा॥जयकाली कलिमलहरण,महिमा अगम अपार ।महिष मर्दिनी कालिका,देहु अभय अपार ॥ ॥ चौपाई ॥अरि मद मान मिटावन हारी ।मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता ।दुष्टदलन जग में विख्याता ॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै ।कर में शीश शत्रु का साजै ॥ दूजे हाथ लिए मधु प्याला ।हाथ तीसरे सोहत भाला ॥4॥ चौथे खप्पर खड्ग … Read more

अन्नपूर्णा चालीसा | Annapurna Chalisa

Annapurna Chalisa

॥ माँ अन्नपूर्णा चालीसा ॥॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय ।॥ चौपाई ॥नित्य आनंद करिणी माता,वर अरु अभय भाव प्रख्याता ॥ जय ! सौंदर्य सिंधु जग जननी,अखिल पाप हर भव-भय-हरनी ॥ श्वेत बदन पर श्वेत बसन पुनि,संतन तुव पद सेवत ऋषिमुनि ॥काशी पुराधीश्वरी माता,माहेश्वरी सकल जग … Read more

तुलसी चालीसा | Tulasi Chalisa

Tulasi Chalisa

॥ दोहा ॥जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी ।नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी ॥श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब ।जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ॥ ॥ चौपाई ॥धन्य धन्य श्री तलसी माता ।महिमा अगम सदा श्रुति गाता ॥ हरि के प्राणहु से तुम प्यारी ।हरीहीँ हेतु कीन्हो तप … Read more