पर्यावरण और सेहत से जुड़े आंकड़ों से पता चला है कि ज़्यादातर लोग अपना लगभग 90% समय घर के अंदर ही बिताते हैं। हमें लगता है कि हम सड़कों के धुएं और गाड़ियों व फ़ैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण से सुरक्षित हैं, लेकिन असल में घर के अंदर की हवा और सतहों पर बाहर के मुक़ाबले दो से पाँच गुना ज़्यादा प्रदूषक हो सकते हैं। इसलिए घर की नियमित सफाई और सही तरीके से Ghar ji safai ka tarika अपनाना बेहद ज़रूरी है।
फ़र्नीचर में मौजूद धूल के कणों (डस्ट माइट्स) से लेकर किचन काउंटर पर पनपने वाले बैक्टीरिया तक, हम जहाँ रहते हैं, वहाँ रोज़ाना गंदगी जमा होती रहती है। घर को साफ़-सुथरा रखना सिर्फ़ मेहमानों पर अच्छा असर डालने के लिए ही ज़रूरी नहीं है। घर की नियमित सफ़ाई करना कम से कम हफ़्ते में एक बार या हो सके तो रोज़ाना बहुत ज़रूरी है। घर को साफ़ और स्वच्छ रखने के कई फ़ायदे हैं, जैसे कि साँस लेने की सही सेहत और अच्छा मूड बनाए रखना।
7 Ghar ji safai ka tarika
नीचे घर की सफ़ाई के फ़ायदे और यह बताया गया है कि यह आपके रहने की जगह पर कैसा सकारात्मक असर डालती है।
1. हवा में मौजूद एलर्जन और प्रदूषकों को कम करना (Reducing Allergens and Pollutants in the Air)

जब भी आप घर से बाहर निकलते हैं, तो धूल के कण आपके साथ आते हैं। जमा हुए एलर्जन से एलर्जिक राइनाइटिस, कंजंक्टिवाइटिस, एक्जिमा, डर्मेटाइटिस और अस्थमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सांस के ज़रिए होने वाली एलर्जी के सबसे आम कारण नीचे दिए गए हैं:
- डस्ट माइट्स (धूल के कणों में रहने वाले सूक्ष्म जीव)
- पालतू जानवरों की त्वचा के कण (पेट डैंडर)
- पराग (पोलन)
- फफूंदी के बीजाणु (मोल्ड स्पोर्स)
नियमित सफाई कैसे मदद करती है?
HEPA फिल्ट्रेशन टेक्नोलॉजी वाले वैक्यूम क्लीनर से हफ़्ते में कम से कम दो बार ठीक से वैक्यूमिंग करके, आप हवा में मौजूद 0.3 माइक्रोन तक के धूल और एलर्जन का 99.97% हिस्सा हटा सकते हैं। सामान्य झाड़ू की जगह माइक्रोफाइबर सफाई वाले कपड़ों का इस्तेमाल करने से सफाई करते समय कमरे में धूल फैलने का खतरा कम हो जाता है।
2. नमी वाली जगहों पर फफूंद और मोल्ड से छुटकारा पाना (Getting Rid of Mold and Mildew in Moist Areas)

फफूंद और मोल्ड गर्म और नमी वाली सतहों पर पनपते हैं और घर में लगभग कहीं भी उग सकते हैं जहाँ पानी जमा होता है। इस तरह की फंगस छेड़े जाने पर ज़हरीले पदार्थ भी छोड़ सकती है, जिससे सांस की नली में जलन, नाक बंद होना, खांसी, गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
फफूंदी वाली जगहों पर क्या करें?
नहाने या बर्तन धोने के बाद बाथरूम में सतहों को सूखे कपड़े या स्क्वीजी से पोंछकर साफ़ करें। गर्म पानी से नहाते समय या किचन में खाना बनाते समय बाथरूम का एग्ज़ॉस्ट फ़ैन चलाकर हवा के आने-जाने (वेंटिलेशन) को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
सलाह दी जाती है कि आप फ़फूंदी के कणों को खत्म करने के लिए क्लीनिंग सॉल्यूशन या पानी और सिरके के मिश्रण का इस्तेमाल करके टाइल्स के बीच की लाइनों (ग्राउट लाइन्स) को नियमित रूप से साफ़ और कीटाणुरहित करें।
मानसून में घर की सफाई करते समय नमी और सीलन पर भी ध्यान दें जानें Monsoon me Ghar me fafoond se kaise bachen? और फफूंदी को घर से दूर रखने के आसान तरीके।
3. कीटाणुओं और बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों को हटाना (Removing Germs and Disease-Carrying Microorganisms)
हालांकि फ़र्श पर झाड़ू लगाना ज़रूरी है, लेकिन दरवाज़े के हैंडल, स्विच और रिमोट कंट्रोल जैसी जगहों पर बीमारी फैलाने वाले कीटाणु ज़्यादा हो सकते हैं। कुछ बीमारियाँ जो चीज़ों के ज़रिए फैल सकती हैं, उनमें E. coli, स्टैफ़ इन्फेक्शन, सर्दी और फ़्लू शामिल हैं।
घर में सबसे ज़्यादा छुई जाने वाली चीज़ें नीचे दी गई हैं:
- दरवाज़े और कैबिनेट के हैंडल
- लाइट स्विच और बिजली के सॉकेट
- रिमोट कंट्रोल, स्मार्टफ़ोन और कंप्यूटर
- रेफ्रिजरेटर के हैंडल और माइक्रोवेव का कीपैड
- पानी का नल और टॉयलेट का लीवर
घर में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक कीटाणुओं के फैलने के जोखिम को कम करने और बीमार पड़ने से बचने के लिए, बताई गई चीज़ों को डिसइंफेक्टेंट स्प्रे से जल्दी-जल्दी पोंछना ज़रूरी है।
4. किचन के उपकरणों और सतहों की सफ़ाई (Cleaning Appliances and Kitchen Surfaces)

किचन घर का मुख्य हिस्सा होता है, लेकिन यहीं पर बैक्टीरिया और पैथोजन (बीमारी फैलाने वाले कीटाणु) के पनपने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है। मीट का गंदा जूस, सब्ज़ियाँ और खाने-पीने की दूसरी चीज़ें गिरने से साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे बीमारी फैलाने वाले जीव पनप सकते हैं।
किचन को साफ़ रखना न सिर्फ़ आपकी सेहत के लिए ज़रूरी है, बल्कि इससे किचन के उपकरण भी लंबे समय तक चलते हैं।
किचन की ठीक से सफ़ाई कैसे करें?
रेफ्रिजरेटर को महीने में कम से कम दो बार गर्म पानी और साबुन से साफ़ करना चाहिए। हर छह महीने में फ़्रिज के पीछे या नीचे लगी कॉइल्स को वैक्यूम करना न भूलें, ताकि धूल और गंदगी हटाई जा सके जो कूलिंग सिस्टम में रुकावट डालती है।
हर बार खाना गर्म करने के बाद माइक्रोवेव और ओवन को साफ़ करना ज़रूरी है, ताकि चिपचिपी गंदगी या चिकनाई हटाई जा सके। माइक्रोवेव की गर्म हवा से गर्म किए जा रहे खाने में पुरानी गंध भी आ सकती है।
सब्जियों और मीट जैसी चीज़ों के लिए अलग-अलग कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें और इस्तेमाल के तुरंत बाद उन्हें सैनिटाइज़ करें। हमेशा ध्यान रखें कि चॉपिंग बोर्ड साफ़ हो और उसमें कोई बैक्टीरिया न हो।
5. घर के अप्लायंसेज (उपकरणों) की सफ़ाई का ध्यान रखना (Making Sure House Appliances are Clean)

ज़्यादातर लोग यह भूल जाते हैं कि घर की सफ़ाई करने वाली मशीनों को भी साफ़ करने की ज़रूरत होती है।
वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और दूसरी मशीनों को साफ़ रखने के कई फ़ायदे हैं। उदाहरण के लिए, नमी वाले माहौल की वजह से वॉशिंग मशीन के गैस्केट एरिया में फफूंदी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। हर महीने वॉशिंग मशीन क्लीनर या सिरके (vinegar) के साथ हॉट वॉश का इस्तेमाल करने से मशीन के अंदर जमा हुई फफूंदी और कीटाणु निकल जाते हैं।
जब AC का फ़िल्टर ब्लॉक हो जाता है, तो न सिर्फ़ मशीन को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, बल्कि घर की धूल भी वापस कमरे में फैलने लगती है। हर 2-4 हफ़्ते में फ़िल्टर धोने से धूल और गंदगी निकल जाती है, जिससे यह पक्का होता है कि AC साफ़ और सेहतमंद हवा दे रहा है।
आखिर में, डिशवॉशर की भी रेगुलर सफ़ाई ज़रूरी है। खाने के कण नीचे लगी जाली (sieve) पर चिपक सकते हैं, जिससे बुरी गंध आ सकती है। खाने की गंदगी को हटाने के लिए जाली को रेगुलर गर्म पानी से धोना ज़रूरी है।
6. मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना और तनाव कम करना (Maintaining Mental Health and Reducing Stress)
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि अस्त-व्यस्त और गंदा घर तनाव पैदा करता है और कोर्टिसोल का स्तर बढ़ाता है। सिंक में बिना धुले बर्तन, बिखरा हुआ बिस्तर और गंदे फ़र्श को देखकर आपके दिमाग को यह संकेत मिलता है कि अभी भी कुछ काम बाकी हैं, जिससे आपको बेचैनी महसूस होती है।
इसके विपरीत, साफ़-सुथरे कमरे में, साफ़ चादरों के साथ और व्यवस्थित जगह पर सोने से एलर्जी कम होती है, जिससे अच्छी नींद आती है और बेचैनी कम होती है। साफ़ डेस्क और घर होने से आप ज़्यादा प्रोडक्टिव हो पाते हैं क्योंकि काम या पढ़ाई के दौरान कोई रुकावट नहीं आती।
इसके अलावा, सफ़ाई करना तनाव कम करने का भी एक शानदार तरीका है, क्योंकि सफ़ाई में बस कुछ ही मिनट बिताने के बाद आप साफ़ तौर पर प्रगति देख सकते हैं।
7. घर को सेहतमंद रखने के लिए सफ़ाई की चेकलिस्ट (Cleaning Checklist for a Healthy Household)
घर को साफ़-सुथरा और सेहतमंद बनाए रखने के लिए रोज़ाना सफ़ाई करना ज़रूरी है। नीचे रोज़ाना, हफ़्ते में एक बार और महीने में एक बार किए जाने वाले सफ़ाई के कामों की लिस्ट दी गई है, जिन्हें आपको कम से कम करना चाहिए।
रोज़ाना की सफ़ाई (15 – 20 मिनट):
- हर सुबह बिस्तर ठीक करें
- सोने से पहले बर्तन धोएँ और किचन सिंक साफ़ रखें
- टेबल और काउंटर पोंछें
- काउंटर और बार-बार छुई जाने वाली जगहों, जैसे दरवाज़े के हैंडल, को पोंछें
- कमरे में ताज़ी हवा आने के लिए कम से कम 15 मिनट तक खिड़कियाँ खुली रखें
हफ़्ते भर की सफ़ाई (1 – 2 घंटे):
- फ़र्नीचर और गलीचों (rugs) पर वैक्यूम करना
- फ़र्श पर वैक्यूम करना और पोंछा लगाना
- बाथरूम की सफ़ाई और सैनिटाइज़िंग
- बेड शीट बदलना
- शेल्फ़, सीलिंग फ़ैन और इलेक्ट्रॉनिक सामान से धूल साफ़ करना
महीने भर और मौसम के हिसाब से सफ़ाई:
- किचन की डीप क्लीनिंग (अच्छी तरह सफ़ाई)
- AC और एयर प्यूरीफ़ायर के फ़िल्टर साफ़ करना या बदलना
- पर्दे और ब्लाइंड्स धोना
- फ़र्नीचर, बिस्तर और बड़े उपकरणों के नीचे वैक्यूम करना
सामान्य सफ़ाई vs डीप क्लीनिंग: प्रोफ़ेशनल की मदद कब लें?
हालाँकि घर को सेहतमंद रखने के लिए ऊपर बताए गए सफ़ाई के काम नियमित रूप से करना ज़रूरी है, लेकिन कभी-कभी कालीन के रेशों में गहराई तक जमी गंदगी को साफ़ करने के लिए सामान्य झाड़ू और पोंछा काफ़ी नहीं होते। जमी हुई गंदगी, मैल, टाइल्स पर लाइमस्केल, बिस्तर में डस्ट माइट्स और फ़र्नीचर के नीचे फफूंदी को सिर्फ़ प्रोफ़ेशनल-ग्रेड उपकरणों का इस्तेमाल करके ही हटाया जा सकता है।

जब आप नया घर सजा रहे हों, घर की मरम्मत करवा रहे हों, या किसी पारिवारिक समारोह की तैयारी कर रहे हों, तो डीप क्लीनिंग से गंदगी हटाई जा सकती है और घर को अच्छी तरह से साफ़ किया जा सकता है। प्रोफ़ेशनल क्लीनर घर की डीप क्लीनिंग के लिए शक्तिशाली वैक्यूम क्लीनर और एडवांस्ड स्टीम क्लीनर का इस्तेमाल करते हैं।
निष्कर्ष
घर को सेहतमंद बनाए रखने के लिए सिर्फ़ कभी-कभी बड़ी सफ़ाई करना ही काफ़ी नहीं है, बल्कि सफ़ाई की आदतों को रोज़ाना की ज़िंदगी में शामिल करना भी ज़रूरी है। उपकरणों की नियमित सफ़ाई और मौसम के हिसाब से सफ़ाई करने से आप और आपका परिवार बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं से बच सकते हैं। अपने और अपने परिवार के लिए घर को साफ़ और सेहतमंद बनाए रखने के लिए रोज़ाना कुछ अतिरिक्त मिनट ज़रूर निकालें।
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