Raksha Bandhan 2026, जिसे राखी भी कहते हैं, एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो मुख्या रूप से भारत और नेपाल में मनाया जाता है। इस साल यहाँ त्योहार 19 अगस्त 2026 को मनाया जायेगा।
यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को मनाता है। इस दिन, बहन अपने भाई की कलाई पर एक रक्षा सूत्र बांधती है, जिसे “राखी” कहते हैं। इसके बदले में, भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं और अपनी बहन की रक्षा और समर्थन का वादा करते हैं।
2026 में रक्षाबंधन किस तारीख को है?
रक्षाबंधन 2026 सोमवार, 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।
Raksha Bandhan 2026 मुख्य जानकारी

| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| त्योहार | रक्षाबंधन 2026 (Raksha Bandhan 2026) |
| तारीख | 17 अगस्त 2026, सोमवार |
| तिथि | श्रावण पूर्णिमा |
| भद्रा काल | पंचांग के अनुसार देखें |
| राखी बांधने का शुभ समय | भद्रा समाप्त होने के बाद शुभ मुहूर्त में |
| प्रमुख देवता | भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण |
रक्षाबंधन 2026 का शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में भद्रा काल के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए अधिकांश लोग भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधते हैं।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 2026
- पर्व: 17 अगस्त 2026 (सोमवार)
- तिथि: श्रावण पूर्णिमा
- राखी बांधने का समय: भद्रा समाप्त होने के बाद
- सटीक समय स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
रक्षाबंधन क्या है?

रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जिसमें बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती है और उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है। भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है और उसे उपहार देता है।
आज के समय में यह पर्व केवल सगे भाई-बहन तक सीमित नहीं है। बहनें अपने चचेरे, ममेरे, फुफेरे भाइयों, मित्रों और कई स्थानों पर सैनिकों को भी राखी बांधती हैं।
रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व
रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं बल्कि रिश्तों में विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है।इस दिन
- परिवार एक साथ पूजा करता है।
- भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाया जाता है।
- परिवार में प्रेम और एकता बढ़ती है।
- बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है।
रक्षाबंधन की पौराणिक कथाएं?
रक्षाबंधन के त्योहार की कई पौराणिक कथाएँ और ऐतिहासिक कहानियाँ हैं, जो इस पर्व के महत्व और इसकी सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाती हैं। यहाँ कुछ प्रमुख कहानियाँ हैं:
1. द्रौपदी और कृष्ण की कहानी:

महाभारत की एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, द्रौपदी, जो पांडवों की पत्नी थीं, ने एक बार भगवान कृष्ण को राखी बांधी थी। एक बार जब द्रौपदी की चीर-हरण की घटना हुई थी, तब भगवान कृष्ण ने उनकी सहायता की और उनकी इज्जत की रक्षा की। इस घटना के बाद, द्रौपदी ने कृष्ण को राखी बांधी और कृष्ण ने उन्हें यह वादा किया कि वह उनकी रक्षा हमेशा करेंगे। यह कहानी भाई-बहन के रिश्ते और उनकी रक्षा के महत्व को दर्शाती है।
2. राजा बलि और लक्ष्मी की कहानी:

एक और पौराणिक कथा के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार राजा बलि के साथ जुड़ा हुआ है, जो असुरों का राजा था और जिनकी भक्ति और सौम्यता के कारण भगवान विष्णु ने उन्हें अमरता का वरदान दिया था।
जब भगवान विष्णु ने बलि को पाताललोक भेजने का निर्णय लिया, तो रानी लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधकर उनसे प्रार्थना की कि वह उनके भाई की तरह उसका ध्यान रखें। बलि ने लक्ष्मी की प्रार्थना स्वीकार की और वचन दिया कि वह अपनी बहन की रक्षा करेगा। यह कथा रक्षाबंधन के पर्व को भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती से जोड़ती है।
3. अहिल्या और सागर मंथन:

कहानी के अनुसार, जब देवताओं और दैत्यों ने समुद्र मंथन किया, तो अमृत प्राप्त हुआ। देवताओं ने इस अमृत को प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु की मदद ली। इस समय, अहिल्या, जो एक पतिव्रता महिला थीं, ने भगवान विष्णु की पूजा की और अपनी राखी बांधी।
भगवान विष्णु ने अहिल्या की रक्षा का वादा किया और उन्हें अमृत का हिस्सा देने की व्यवस्था की। यह कथा इस बात को दर्शाती है कि राखी बांधने की परंपरा का ऐतिहासिक महत्व है और इसका संबंध भगवान विष्णु की पूजा से भी है।
ये कथाएं हमें बताती हैं कि रक्षा बंधन केवल सगे भाई-बहन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा बंधन है जो किसी भी व्यक्ति के प्रति प्रेम, सम्मान और रक्षा के वादे को दर्शाता है। यह त्योहार रिश्तों को मजबूत बनाने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश देता है।
यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और कर्तव्य को याद दिलाने वाला है और इसे खुशी, रंग और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है।
रिवाज और परंपराएं:
- राखी बांधना मुख्य रिवाज में बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है। यह धागा उसकी प्रार्थनाओं और भाई की सुरक्षा का प्रतीक होता है।
- उपहार और मिठाइयाँ: भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं, जो पैसे से लेकर कपडे या कोई बहन की पसंद का गिफ्ट होता है। खास मिठाइयाँ और त्योहारी भोजन भी इस अवसर पर घर में बनाया जाता हैं।
- पूजा: एक छोटी सी पूजा या पूजा अर्चना की जाती है, जिसमें बहन अपने भाई की समृद्धि और खुशी के लिए प्रार्थना करती है।
- सांस्कृतिक विविधताएँ: हालांकि भाई-बहन के रिश्ते की बुनियाद एक जैसी रहती है, रक्षाबंधन की मनाने की परंपरा विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न होती है। कुछ हिस्सों में, यह त्योहार दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच भी मनाया जाता है।
- आधुनिक उत्सव: आजकल, रक्षाबंधन का जश्न कजिन, दोस्तों और यहां तक कि गैर-परंपरागत संदर्भों में भी मनाया जाता है। यह परिवारिक एकता और स्नेह का समय होता है, जो आमतौर पर भाई-बहन के रिश्तों से आगे बढ़ जाता है।
राखी किस हाथ में बांधनी चाहिए?
राखी हमेशा भाई के दाहिने हाथ (Right hand) की कलाई पर बांधनी चाहिए। दाहिना हाथ दक्षता, कर्म और शक्ति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए सभी शुभ कार्य इसी हाथ से किए जाते हैं।
रक्षाबंधन 2026 पूजा विधि
राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार करें। थाली में रखें
- राखी
- रोली
- चावल (अक्षत)
- दीपक
- मिठाई
- नारियल
- फूल
पूजा करने का तरीका
- भगवान गणेश और भगवान विष्णु का स्मरण करें।
- दीपक जलाएं।
- भाई के माथे पर तिलक लगाएं।
- अक्षत लगाएं।
- दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधें।
- आरती उतारें।
- मिठाई खिलाएं।
- भाई बहन को उपहार दे।
रक्षाबंधन पर क्या करें?
- सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
- शुभ मुहूर्त में ही राखी बांधें।
- माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लें।
- जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।
- परिवार के साथ भोजन करें।
रक्षाबंधन पर कौन-सी राखी शुभ मानी जाती है?

आज बाजार में कई प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं।
- पारंपरिक मौली राखी
- चंदन राखी
- रुद्राक्ष राखी
- सिल्वर राखी
- बच्चों के लिए कार्टून राखी
- इको-फ्रेंडली राखी
- बीज वाली (Seed Rakhi)
यदि आप पर्यावरण की चिंता करते हैं, तो बीज वाली या कॉटन से बनी राखी अच्छा विकल्प हो सकती है।
Raksha Bandhan 2026 पर देने के लिए लोकप्रिय गिफ्ट आइडिया
भाई के लिए
- स्मार्टवॉच
- वॉलेट
- परफ्यूम
- फिटनेस बैंड
- वायरलेस ईयरबड्स
- किताबें
बहन के लिए
- ज्वेलरी
- साड़ी
- स्किन केयर किट
- हैंडबैग
- गिफ्ट कार्ड
- पौधा या इनडोर प्लांट
भारत में रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है?
उत्तर भारत में यह त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जाता है। राजस्थान में लूंबा राखी की परंपरा भी प्रसिद्ध है, जिसमें भाभी को भी राखी बांधी जाती है।
महाराष्ट्र में इसी दिन नारियल पूर्णिमा मनाई जाती है। गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दिल्ली सहित लगभग पूरे भारत में यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
बच्चों को रक्षाबंधन का महत्व कैसे समझाएं?

बच्चों को केवल कहानी सुनाने के बजाय उन्हें त्योहार में शामिल करें।
- उनसे पूजा की थाली सजवाएं।
- राखी का महत्व समझाएं।
- भाई-बहन के रिश्ते पर छोटी कहानी सुनाएं।
- परिवार के साथ फोटो खिंचवाएं।
- उन्हें उपहार देने और साझा करने की आदत सिखाएं।
Raksha Bandhan 2026 पर पर्यावरण का भी रखें ध्यान
आजकल प्लास्टिक और चमकदार सजावटी राखियों की जगह पर्यावरण-अनुकूल राखियां तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। आप इन विकल्पों को चुन सकते हैं।
- कॉटन राखी
- हस्तनिर्मित राखी
- बीज वाली राखी
- कपड़े की राखी
- बांस या जूट से बनी राखी
इससे त्योहार की खुशी भी बनी रहती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होता।
रक्षाबंधन पर क्या नहीं करना चाहिए?
- भद्रा काल में राखी न बांधें।
- क्रोध और विवाद से बचें।
- अपशब्दों का प्रयोग न करें।
- पूजा बिना स्नान किए न करें।
- राखी बांधते समय जल्दबाजी न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. 2026 में रक्षाबंधन किस तारीख को है?
रक्षाबंधन 2026 सोमवार, 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।
Q. रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 2026 क्या है?
राखी हमेशा भद्रा समाप्त होने के बाद शुभ मुहूर्त में बांधनी चाहिए। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
Q. क्या भद्रा में राखी बांध सकते हैं?
नहीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता।
Q. रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है?
यह भाई-बहन के प्रेम, विश्वास, सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक पर्व है।
Q. Raksha Bandhan 2026 पर कौन-सी राखी खरीदनी चाहिए?
यदि संभव हो तो पर्यावरण-अनुकूल, कॉटन या बीज वाली राखी चुनें। यह टिकाऊ और प्रकृति के लिए बेहतर विकल्प है।
Q. साल 2026 में रक्षाबंधन कब है?
उत्तर: रक्षाबंधन सोमवार, 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन श्रावण पूर्णिमा तिथि रहेगी। राखी हमेशा भद्रा समाप्त होने के बाद शुभ मुहूर्त में बांधनी चाहिए।
Q. 17 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का मुहूर्त क्या है?
उत्तर: रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ समय भद्रा काल समाप्त होने के बाद माना जाएगा। अलग-अलग शहरों में पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग की पुष्टि अवश्य करें।
Q. पहली राखी किसने बांधी थी?
उत्तर: पौराणिक कथाओं के अनुसार, सबसे पहले देवी इंद्राणी (शची) ने देवताओं के राजा इंद्र की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा था। वहीं महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा भी रक्षाबंधन से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथाओं में से एक है।
Q. क्या हम बॉयफ्रेंड को राखी बांध सकते हैं?
उत्तर: राखी भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। यदि आप किसी व्यक्ति को राखी बांधती हैं, तो यह उसे भाई के रूप में स्वीकार करने का संकेत माना जाता है। इसलिए सामान्यतः अपने बॉयफ्रेंड को राखी नहीं बांधी जाती।
Q. क्या पत्नी पति को राखी बांध सकती है?
उत्तर: नहीं। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते के लिए होता है। पति-पत्नी का रिश्ता अलग होता है, इसलिए पत्नी द्वारा पति को राखी बांधने की परंपरा नहीं है।
Q. क्या राधा ने कभी कृष्ण को राखी बांधी थी?
उत्तर: नहीं। किसी भी प्रमुख धार्मिक ग्रंथ में ऐसा उल्लेख नहीं मिलता कि राधा जी ने भगवान श्रीकृष्ण को राखी बांधी थी। यह केवल सोशल मीडिया पर प्रचलित एक भ्रम है।
Q. राधा के असली पिता कौन थे?
उत्तर: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वृषभानु राधा जी के पिता और कीर्ति (कीर्तिदा) उनकी माता थीं। उनका जन्म ब्रज क्षेत्र के बरसाना में माना जाता है।
Q. कृष्ण जी ने राधा को क्यों छोड़ा था?
उत्तर: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध और अपने अन्य दिव्य कार्यों के लिए मथुरा प्रस्थान किया था। इसे “राधा को छोड़ना” नहीं बल्कि उनके अवतार के उद्देश्य का हिस्सा माना जाता है। भक्ति परंपरा में राधा और कृष्ण का प्रेम शाश्वत माना जाता है।
Q. राखी बांधने के बाद हर भाई को क्या करना चाहिए?
उत्तर: राखी बंधवाने के बाद भाई को बहन का आशीर्वाद लेना चाहिए, उसकी रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, उसे उपहार देना चाहिए और जीवनभर उसका सम्मान एवं सहयोग करने का वचन निभाना चाहिए।
Q. राखी हटाने के बाद उसका क्या करें?
उत्तर: राखी को कूड़ेदान में फेंकने के बजाय किसी पवित्र स्थान पर रखें। बाद में उसे किसी बहते जल में प्रवाहित करें या किसी पेड़ के नीचे सम्मानपूर्वक रख दें। यदि राखी प्राकृतिक सामग्री से बनी है, तो उसे मिट्टी में भी दबाया जा सकता है।
Q. क्या मैं दोपहर 2 बजे राखी बांध सकती हूं?
उत्तर: हां, यदि उस समय भद्रा काल नहीं है और शुभ मुहूर्त चल रहा है, तो दोपहर 2 बजे भी राखी बांधी जा सकती है। राखी बांधने से पहले उस दिन का स्थानीय पंचांग अवश्य देख लें।
Q. रक्षा बंधन पर बहनें क्या करती हैं?
उत्तर: रक्षा बंधन पर बहनें पूजा की थाली सजाती हैं, भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं, राखी बांधती हैं, आरती उतारती हैं, मिठाई खिलाती हैं और भाई की सुख-समृद्धि तथा लंबी आयु की कामना करती हैं। इसके बदले भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है और उसे उपहार देता है।
निष्कर्ष
रक्षाबंधन 2026 केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत बनाने का अवसर है। 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें, भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधें और पूरे परिवार के साथ इस खास दिन को प्रेम, सम्मान और खुशियों के साथ मनाएं।
यदि आप Raksha Bandhan 2026, रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 2026, 2026 में रक्षाबंधन किस तारीख को है या पूजा विधि की जानकारी खोज रहे थे, तो उम्मीद है यह विस्तृत मार्गदर्शिका आपके लिए उपयोगी रही होगी। आपके और आपके परिवार को रक्षाबंधन 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ।
ये भी पढ़ें:
- 100+ Best Friendship Day Quotes in Hindi and English | फ्रेंडशिप डे कोट्स इन हिंदी
- Devshayani Ekadashi 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम, कथा और चातुर्मास का महत्व
- गोवर्धन पूजा 2026 : प्रकृति और भक्ति का अद्भुत पर्व
- श्री कृष्ण चालीसा | Shri Krishna Chalisa
- दुर्गा चालीसा | Durga Chalisa
- Durga Puja 2026 | दुर्गा पूजा महापर्व की संपूर्ण जानकारी
